|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
| |
|
|
|
meri jaan???
कुछ नाराज है मुझसे मेरी जान खफा खफा सी दूर दूर करके नाकाम मेरे सब मनसूब सोचा था संग जिन्दगी बिताएँगे दुख उसके सब पलकों पर उठाएंगे मगर वो हसीना जो मेरी जान थी मेरे दिल की पहचान थी जो कभी मुझसे प्यार करती थी जो कभी मुझपे मरती थी जीसका दिल मेरे लिए धड़कता था रात दिन मेरी याद मे मचलता था जाने मेरी उस जान को किसकी नजर लगी है जो मुझसे प्यार करती थी आज मुझसे दूर खड़ी है
|
|
| | |
|
|
|
|
|
|
|